उच्च शिक्षा विभाग ने प्रधानमंत्री रिसर्च चेयर (PM Research Chair - PMRC) योजना 2026 के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह केंद्र सरकार की एक प्रमुख राष्ट्रीय पहल है, जिसका उद्देश्य दुनिया भर में कार्यरत भारतीय मूल के उत्कृष्ट वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और नवाचार विशेषज्ञों को भारत के तेजी से विकसित हो रहे अनुसंधान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र से जोड़ना है। इस योजना के माध्यम से वैश्विक भारतीय प्रतिभाओं को देश के अनुसंधान, विकास, नवाचार और तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र में सक्रिय योगदान देने का अवसर मिलेगा, जिससे भारत की वैज्ञानिक क्षमता और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को नई मजबूती मिलेगी।
योजना के तहत 13 राष्ट्रीय प्राथमिकता वाले विषय क्षेत्रों में अनुसंधान को प्रोत्साहन दिया जाएगा। इनमें उन्नत कंप्यूटिंग (Advanced Computing), सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, उन्नत विनिर्माण, जैव प्रौद्योगिकी और अन्य रणनीतिक क्षेत्र शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य इन क्षेत्रों में विश्वस्तरीय विशेषज्ञता को भारत से जोड़कर नई तकनीकों के विकास, नवाचार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है। यह पहल भारत को वैश्विक अनुसंधान और प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
योजना के अंतर्गत भाग लेने वाले संस्थानों और फेलोज़ का चयन एक सशक्त समिति (Empowered Committee) द्वारा कठोर और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। चयनित पीएमआरसी फेलोज़ को आकर्षक फेलोशिप, अनुसंधान अनुदान, अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं एवं शोध अवसंरचना तक पहुंच तथा देश के अग्रणी सरकारी संस्थानों के साथ कार्य करने का अवसर मिलेगा। उच्च शिक्षा विभाग ने बताया कि योजना से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश, पात्रता मानदंड और आवेदन प्रक्रिया पीएमआरसी पोर्टल पर उपलब्ध हैं। यह पहल भारतीय मूल के वैश्विक शोधकर्ताओं को देश के विकास और वैज्ञानिक प्रगति में प्रत्यक्ष भागीदारी का अवसर प्रदान करेगी।