देश के कई हिस्सों में पड़ रही रिकॉर्ड तोड़ गर्मी का असर अब उपभोक्ताओं की खरीदारी की आदतों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। बढ़ते तापमान के बीच लोग ठंडक देने वाले खाद्य उत्पादों की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं, जिसका सीधा फायदा [Mother Dairy](https://www.motherdairy.com?utm_source=chatgpt.com) को मिला है। कंपनी के अनुसार आइसक्रीम, छाछ, लस्सी और दही जैसे उत्पादों की बिक्री में 30 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। डॉ. मीनेश शाह ने बताया कि यह रुझान पिछले तीन-चार वर्षों से लगातार मजबूत हो रहा है, खासकर कोविड-19 महामारी के बाद उपभोक्ताओं का झुकाव ब्रांडेड और स्वच्छ खाद्य उत्पादों की ओर तेजी से बढ़ा है। गर्मियों के दौरान कई बार मांग इतनी अधिक हो जाती है कि कंपनी के लिए बाजार में पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखना भी चुनौती बन जाता है।
कंपनी का मानना है कि उपभोक्ताओं की प्राथमिकताओं में बड़ा बदलाव आया है। पहले जहां स्थानीय और बिना ब्रांड वाले उत्पादों की मांग अधिक होती थी, वहीं अब लोग गुणवत्ता, स्वच्छता और भरोसेमंद ब्रांड को ज्यादा महत्व दे रहे हैं। इसी वजह से मदर डेयरी जैसे स्थापित ब्रांड को अतिरिक्त लाभ मिल रहा है। कंपनी का कहना है कि आने वाले समय में वह स्वास्थ्य-केंद्रित उत्पादों पर और अधिक ध्यान देगी। इसके तहत अधिक प्रोटीन, कम चीनी और शून्य चीनी वाले डेयरी उत्पादों की श्रृंखला का विस्तार किया जाएगा। स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता और फिटनेस पर बढ़ता ध्यान डेयरी उद्योग के लिए नए अवसर पैदा कर रहा है, जिसे मदर डेयरी भुनाने की तैयारी कर रही है।
हालांकि बढ़ती मांग के बीच लागत का दबाव भी कंपनी के सामने चुनौती बना हुआ है। डॉ. शाह के अनुसार भू-राजनीतिक तनावों और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला की समस्याओं के कारण पैकेजिंग सामग्री और कुछ कच्चे माल की लागत में 30 से 35 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। इसके बावजूद कंपनी फिलहाल इन बढ़ी हुई लागतों का बोझ स्वयं उठा रही है और निकट भविष्य में कीमतें बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। उल्लेखनीय है कि कंपनी ने मई में दूध की कीमतों में प्रति लीटर 2 रुपये की वृद्धि की थी, लेकिन फिलहाल उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डालने से बचने का प्रयास कर रही है।
इस बीच मदर डेयरी ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कंपनी ने मिट्टी में प्राकृतिक रूप से विघटित होने वाली (बायोडिग्रेडेबल) दूध की नई थैली पेश करने की घोषणा की है। यह नई पैकेजिंग 5 जून को मनाए जाने वाले विश्व पर्यावरण दिवस से दिल्ली-एनसीआर में काऊ मिल्क उत्पादों के साथ शुरू की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य प्लास्टिक कचरे को कम करना और टिकाऊ पैकेजिंग को बढ़ावा देना है। बढ़ती बिक्री, स्वास्थ्य-केंद्रित उत्पादों पर फोकस और पर्यावरण अनुकूल पैकेजिंग जैसे कदम यह संकेत देते हैं कि मदर डेयरी बदलती उपभोक्ता मांग और बाजार रुझानों के अनुरूप अपनी रणनीति को लगातार मजबूत कर रही है।