Amit Shah आज Shillong में नॉर्थ ईस्टर्न काउंसिल (NEC) की 73वीं पूर्ण बैठक की अध्यक्षता करेंगे। यह बैठक पूर्वोत्तर भारत के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित होगी। केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (DoNER) के अनुसार, बैठक में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों की हाई-लेवल टास्क फोर्स द्वारा क्षेत्रीय विकास के लिए किए गए कार्यों और उनकी प्रगति की समीक्षा की जाएगी। इस दौरान पर्यटन, कृषि एवं बागवानी, निवेश प्रोत्साहन, दूध, अंडा, मछली और मांस उत्पादन में आत्मनिर्भरता, खेल विकास, आर्थिक गलियारा निर्माण, बुनियादी ढांचा और कनेक्टिविटी तथा हथकरघा एवं हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों पर विस्तृत प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
बैठक का मुख्य उद्देश्य पूर्वोत्तर राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और साझा विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए संयुक्त रणनीति तैयार करना है। इसके अलावा "नॉर्थ ईस्ट विजन प्लान 2047" पर भी चर्चा होगी, जिसका लक्ष्य वर्ष 2047 तक पूर्वोत्तर क्षेत्र को आर्थिक विकास, आधुनिक कनेक्टिविटी, नवाचार, सतत विकास और सांस्कृतिक समृद्धि का प्रमुख केंद्र बनाना है। यह विजन दस्तावेज क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास के लिए रोडमैप प्रदान करेगा और पूर्वोत्तर राज्यों की विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
North Eastern Council की स्थापना 1971 के नॉर्थ ईस्टर्न काउंसिल अधिनियम के तहत की गई थी और यह पूर्वोत्तर क्षेत्र की सर्वोच्च क्षेत्रीय योजना संस्था है। यह परिषद क्षेत्र में संतुलित विकास को बढ़ावा देने और सहकारी संघवाद को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। बैठक में Jyotiraditya Scindia, Sukanta Majumdar, सभी आठ पूर्वोत्तर राज्यों के राज्यपाल और मुख्यमंत्री, परिषद के सदस्य तथा केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी भी भाग लेंगे। यह बैठक पूर्वोत्तर भारत के विकास को नई गति देने और क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।