खरीफ सीजन 2026 की बुआई शुरू होने से पहले तिलहनी फसलों के बाजार में तेजी का असर किसानों के फैसलों पर साफ दिखाई देने लगा है। सोयाबीन, मूंगफली और सूरजमुखी जैसी प्रमुख तिलहनी फसलों के भाव पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर बने हुए हैं, जिससे कई राज्यों के किसान इन फसलों का रकबा बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं। इंदौर मंडी में सोयाबीन का भाव 68,000 रुपये प्रति टन के आसपास पहुंच गया है, जो सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से भी अधिक है। बेहतर कीमतों के कारण किसानों को अधिक लाभ की उम्मीद है और यही वजह है कि मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और कर्नाटक जैसे राज्यों में सोयाबीन की खेती को लेकर उत्साह बढ़ रहा है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कीमतों में यह मजबूती बनी रहती है तो इस बार तिलहनी फसलों का कुल रकबा उल्लेखनीय रूप से बढ़ सकता है।
सोयाबीन उत्पादकों के संगठन SOPA के अनुसार, सभी प्रमुख उत्पादक राज्यों में क्षेत्रफल बढ़ने के शुरुआती संकेत मिल रहे हैं। कर्नाटक के कई जिलों में किसान बड़ी मात्रा में बीज खरीद रहे हैं और समय पर मानसून पहुंचने से बुआई की गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। वहीं सौराष्ट्र क्षेत्र में मूंगफली के भाव भी पिछले साल की तुलना में मजबूत बने हुए हैं, जिससे किसानों का रुझान इस फसल की ओर बढ़ा है। सूरजमुखी के बाजार भाव भी कर्नाटक और महाराष्ट्र में बेहतर स्तर पर बने हुए हैं। इसके अलावा सरकार द्वारा सूरजमुखी के एमएसपी में की गई बढ़ोतरी ने किसानों का भरोसा और मजबूत किया है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर बाजार मूल्य और सरकारी समर्थन मिलकर किसानों को तिलहनी फसलों की खेती बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।
उद्योग संगठनों का कहना है कि यदि किसानों का यह रुझान जारी रहता है तो देश में तिलहन उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। इससे खाद्य तेलों के आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी। सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SEA) के अध्यक्ष संजीव अस्थाना के अनुसार, अच्छे दाम और सकारात्मक बाजार माहौल किसानों को अधिक तिलहनी फसलें बोने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ा हुआ रकबा आने वाले महीनों में उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों की आय में भी सुधार ला सकता है, जिससे कृषि क्षेत्र और ग्रामीण अर्थव्यवस्था दोनों को लाभ मिलेगा।