केरल की रहने वाली Kajal Raju ने साबित कर दिया कि सफलता के रास्ते में शारीरिक चुनौतियां बाधा नहीं बन सकतीं। जन्म से ही उनका एक अग्रभाग (forearm) नहीं था, लेकिन उन्होंने कभी इसे अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। उन्होंने Indian Institute of Technology Madras से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की और इसके बाद देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की।
काजल ने अपने पहले प्रयास में UPSC परीक्षा पास कर 910वीं रैंक हासिल की और उनका चयन भारतीय रेलवे प्रबंधन सेवा (IRMS) में हुआ। हालांकि, वे इससे संतुष्ट नहीं हुईं। रेलवे सेवा के प्रशिक्षण के साथ-साथ उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी और लगातार मेहनत, अनुशासन तथा आत्मविश्वास के बल पर अगली बार शानदार सुधार करते हुए ऑल इंडिया रैंक (AIR) 167 प्राप्त की।
काजल की कहानी लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है। उन्होंने दिखाया कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास लगातार किए जाएं तो बड़ी से बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। उनका सफर इस बात का उदाहरण है कि बहाने नहीं, बल्कि मेहनत और दृढ़ संकल्प ही सफलता की असली कुंजी हैं।
प्रेरक संदेश:
शारीरिक सीमाएं सपनों को नहीं रोक सकतीं, यदि हौसले मजबूत हों और मेहनत निरंतर हो।