केंद्र सरकार ने 21 जून 2026 को होने वाली NEET-UG री-एग्जाम को लेकर कड़ा संदेश दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की निष्पक्षता, सुरक्षा और पारदर्शिता से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में कैबिनेट सचिव टी. वी. सोमनाथन ने एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सभी संबंधित एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। बैठक में अभिषेक सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सरकार का कहना है कि केंद्र, राज्य सरकारों और जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित और निष्पक्ष बनाया जाएगा। किसी भी व्यक्ति या समूह द्वारा पेपर लीक, नकल, अव्यवस्था फैलाने या परीक्षा प्रक्रिया में बाधा डालने की कोशिश को गंभीर अपराध माना जाएगा।
परीक्षा की तैयारियों को लेकर पिछले कुछ सप्ताह से लगातार समीक्षा बैठकें की जा रही हैं। 1 जून को केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों और एजेंसियों के साथ तथा 4 जून को सभी राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ बैठक कर सुरक्षा और व्यवस्थाओं का आकलन किया गया था। अधिकारियों के अनुसार, प्रश्नपत्रों के सुरक्षित परिवहन और सुरक्षा के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता बहाल करना और अभ्यर्थियों का भरोसा मजबूत करना है, ताकि किसी भी तरह की अनियमितता की संभावना समाप्त की जा सके।
गौरतलब है कि NEET-UG परीक्षा 3 मई 2026 को आयोजित की गई थी, लेकिन पेपर लीक के गंभीर आरोप सामने आने के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी थी। इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो कर रही है और अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े इस महत्वपूर्ण परीक्षा आयोजन को लेकर सरकार कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। इसलिए 21 जून को होने वाली री-एग्जाम को पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और लीक-प्रूफ बनाने के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि योग्य छात्रों को निष्पक्ष अवसर मिल सके और परीक्षा प्रणाली में जनता का विश्वास बना रहे।