Reliance Industries Limited की 49वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में चेयरमैन Mukesh Ambani ने बड़ा ऐलान करते हुए बताया कि Jio Platforms के बहुप्रतीक्षित आईपीओ (IPO) को बोर्ड की मंजूरी मिल गई है और इसके लिए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) बाजार नियामक Securities and Exchange Board of India के पास जमा कर दिया गया है। अंबानी ने कहा कि जियो की लिस्टिंग भारतीय डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि साबित होगी और यह वैश्विक निवेशकों के सामने भारत की आर्थिक ताकत को प्रदर्शित करेगी। उन्होंने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया का नेतृत्व आकाश अंबानी, ईशा अंबानी और अनंत अंबानी कर रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, जियो आईपीओ के तहत लगभग 27 करोड़ नए शेयर जारी किए जा सकते हैं।
बैठक में जियो के प्रदर्शन पर प्रकाश डालते हुए Akash Ambani ने बताया कि कंपनी का ग्राहक आधार बढ़कर 53.4 करोड़ (534 मिलियन) से अधिक हो गया है, जबकि 5जी ग्राहकों की संख्या 26.8 करोड़ (268 मिलियन) के पार पहुंच चुकी है। कंपनी का लक्ष्य वर्ष 2030 तक अपने सभी ग्राहकों को 5जी नेटवर्क पर स्थानांतरित करना है। उन्होंने बताया कि JioHotstar ने एक अरब डाउनलोड का आंकड़ा पार कर लिया है और जियो प्लेटफॉर्म्स का कर पश्चात लाभ पहली बार 30,000 करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक है। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का राजस्व 1.46 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा, जो उसकी मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाता है।
रिलायंस के अन्य कारोबारों में भी मजबूत वृद्धि देखने को मिली। Isha Ambani ने बताया कि रिलायंस रिटेल का सकल राजस्व 3.70 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा और ग्राहक आधार 38.7 करोड़ तक पहुंच गया है। वहीं JioMart के डाउनलोड 11 मिलियन से अधिक हो चुके हैं। रिलायंस रिटेल के स्टोर्स की संख्या बढ़कर 20,160 हो गई है। दूसरी ओर Anant Ambani ने ऊर्जा और हरित विकास परियोजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि कच्छ में विकसित किया जा रहा रिन्यूएबल एनर्जी हब सालाना 40 अरब यूनिट से अधिक हरित ऊर्जा उत्पादन करेगा। बैठक के अंत में मुकेश अंबानी ने विश्वास जताया कि अगले पांच वर्षों में रिलायंस का EBITDA दोगुना हो सकता है। जियो आईपीओ की घोषणा को भारतीय शेयर बाजार और डिजिटल क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।