Sahil Barua ने कहा है कि भारत में ई-कॉमर्स ऑर्डर और डिलीवरी में लगातार हो रही वृद्धि कंपनी के बेहतर प्रदर्शन का प्रमुख कारण है। उनके अनुसार, विशेष रूप से डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) ब्रांड्स और विशेषीकृत ऑनलाइन विक्रेताओं की बढ़ती मांग ने लॉजिस्टिक्स सेवाओं के विस्तार को नई गति दी है। उन्होंने बताया कि बढ़ती परिचालन लागत, आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) की जटिलताओं तथा तेज और विश्वसनीय डिलीवरी की आवश्यकता के कारण अनेक कंपनियां अब अपनी लॉजिस्टिक्स सेवाओं को विशेषज्ञ कंपनियों के माध्यम से आउटसोर्स कर रही हैं। इससे संगठित लॉजिस्टिक्स कंपनियों को नए व्यावसायिक अवसर प्राप्त हो रहे हैं। साहिल बरुआ ने यह भी कहा कि बाजार में हो रहे समेकन (Market Consolidation), आधुनिक तकनीक आधारित लॉजिस्टिक्स समाधान तथा डिजिटल कॉमर्स के तेजी से विस्तार के कारण इस क्षेत्र की विकास संभावनाएं और मजबूत हुई हैं। उनके अनुसार, आने वाले वर्षों में भारत का लॉजिस्टिक्स उद्योग ई-कॉमर्स की बढ़ती पहुंच, डिजिटल भुगतान और बेहतर आपूर्ति नेटवर्क के कारण दीर्घकालिक विकास की दिशा में आगे बढ़ता रहेगा।