भारत के विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के तहत वैश्विक शिपिंग कंपनी A.P. Moller – Maersk ने भारत में निर्मित 1,000 शिपिंग कंटेनरों का ऑर्डर DCM Shriram समूह को दिया है। यह दीर्घकालिक साझेदारी भारत के समुद्री विनिर्माण क्षेत्र पर बढ़ते वैश्विक भरोसे और अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला में उसकी मजबूत होती भूमिका का संकेत है। इस ऑर्डर के साथ भारत कंटेनर निर्माण के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के दादरी में भारत के पहले मेड-इन-इंडिया EXIM (एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट) शिपिंग कंटेनर का अनावरण किया गया। यह पहल देश के कंटेनर निर्माण और लॉजिस्टिक्स उद्योग के लिए एक ऐतिहासिक शुरुआत मानी जा रही है। अब तक भारत अपनी कंटेनर आवश्यकताओं के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर था, लेकिन घरेलू स्तर पर कंटेनर निर्माण शुरू होने से यह निर्भरता कम होगी और निर्यात-आयात गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
इस पहल से भारत को वैश्विक कंटेनर विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी। साथ ही, इससे 'मेक इन इंडिया'और आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी मजबूती मिलेगी। घरेलू उत्पादन बढ़ने से विनिर्माण क्षेत्र में निवेश आकर्षित होगा, हजारों नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और भारतीय उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में वृद्धि होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की परियोजनाएं भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनाने में अहम भूमिका निभाएंगी।