केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि केंद्र सरकार देश में जलीय कृषि (Aquaculture) क्षेत्र को सशक्त बनाने, किसानों और मछलीपालकों की आय बढ़ाने तथा समुद्री एवं जलीय उत्पादों के निर्यात को नई गति देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार का विशेष ध्यान आधुनिक तकनीक, उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादन, मूल्यवर्धन, खाद्य प्रसंस्करण, कोल्ड चेन अवसंरचना और वैश्विक मानकों के अनुरूप उत्पादन प्रणाली विकसित करने पर है। इन प्रयासों से भारतीय जलीय उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी, किसानों और मछलीपालकों को बेहतर बाजार उपलब्ध होगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर सृजित होंगे। सरकार का उद्देश्य उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण और निर्यात तक पूरी आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाकर भारत को वैश्विक समुद्री उत्पाद बाजार में अग्रणी देशों की श्रेणी में स्थापित करना है। भारत की समृद्ध जल संपदा, विस्तृत समुद्री तट और प्राकृतिक संसाधन इस क्षेत्र की सबसे बड़ी ताकत हैं। यदि इन्हें आधुनिक तकनीक, अनुसंधान और स्वदेशी नवाचारों के साथ जोड़ा जाए, तो जलीय कृषि किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि का प्रभावी माध्यम बन सकती है। यह पहल आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत 2047** के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो स्थानीय उत्पादन, मूल्यवर्धन, रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को नई मजबूती प्रदान करेगी।