भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र में एक अहम उपलब्धि सामने आई है। स्टार्टअप OMSPACE ने देश का पहला पूरी तरह क्रायोजेनिक लिक्विड प्रोपल्शन इंजन विकसित करने का दावा किया है, जो बायो-मीथेन और लिक्विड ऑक्सीजन (LOX) के संयोजन से संचालित होता है। यह इंजन लगभग 10 kN थ्रस्ट देने में सक्षम बताया गया है और इसे खास तौर पर पुन: प्रयोज्य (reusable) प्रक्षेपण वाहनों के लिए डिजाइन किया गया है। यह कदम भारत के अंतरिक्ष नवाचार में निजी कंपनियों की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।
रिपोर्ट के अनुसार, यह नया इंजन पारंपरिक रॉकेट ईंधन की तुलना में अधिक पर्यावरण अनुकूल और टिकाऊ माना जा रहा है। बायो-मीथेन जैसे ईंधन के उपयोग से न केवल लागत कम करने में मदद मिल सकती है, बल्कि कार्बन उत्सर्जन भी घटाने की दिशा में यह तकनीक महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। LOX के साथ इसका संयोजन इसे उच्च दक्षता वाला क्रायोजेनिक सिस्टम बनाता है, जो भविष्य के लॉन्च वाहनों के लिए उपयोगी हो सकता है।
कंपनी का दावा है कि इस इंजन को पूरी तरह भारत में डिजाइन और विकसित किया गया है, जिससे देश की आत्मनिर्भर अंतरिक्ष तकनीक को मजबूती मिलती है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यह तकनीक सफलतापूर्वक स्केल होती है तो इससे लॉन्च लागत कम होगी, पुन: उपयोग योग्य रॉकेट सिस्टम मजबूत होंगे और भारत वैश्विक स्पेस टेक्नोलॉजी बाजार में अपनी स्थिति और अधिक सुदृढ़ कर सकता है।