सक्सेस स्टोरी गरीबी से निकलकर IAS बनने की कहानी

मोइन अहमद की कहानी संघर्ष, धैर्य और दृढ़ निश्चय की प्रेरक मिसाल है। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के जटपुरा गांव से आने वाले मोइन का जन्म एक बस ड्राइवर के घर हुआ था। पांच भाई-बहनों में दूसरे नंबर के मोइन ने कम उम्र में ही परिवार की जिम्मेदारियों को समझ लिया। उनका सपना क्रिकेटर बनने का था, लेकिन आर्थिक हालात ने उन्हें पढ़ाई और सरकारी नौकरी की ओर मोड़ दिया।कॉलेज के दौरान उन्होंने साइबर कैफे में काम करके UPSC की तैयारी की फीस जुटाई और ठान लिया कि वे सिविल सेवा में सफल होंगे। दिल्ली जाकर कोचिंग करने के लिए उन्होंने 2.5 लाख रुपये का उधार लिया। 2019, 2020 और 2021 में तीन बार असफलता का सामना किया, लेकिन हार नहीं मानी। चौथे अटेम्प्ट में उन्होंने प्रीलिम्स, मेन्स और इंटरव्यू में सफलता पाई और UPSC 2022 में 296वीं रैंक हासिल करके IAS ऑफिसर बने।मोइन का यह सफर सिर्फ उनकी सफलता नहीं, बल्कि उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो कठिन हालात में भी अपने लक्ष्य को पाने का जुनून रखते हैं।






