सक्सेस स्टोरी संघर्ष से सफलता: खेतिहर मजदूर की मां का बेटा बना सेना अफसर

हरदीप गिल का जन्म हरियाणा के जींद जिले के अलीपुर गांव में हुआ। पिता का दो साल की उम्र में निधन हो गया, जिसके बाद उनकी मां ने खेतों में मेहनत करके और स्कूल में मिड‑डेमिल वर्कर के रूप में काम करके तीनों बच्चों की परवरिश की। हरदीप ने भी कम उम्र में जिम्मेदारियां संभाली और पढ़ाई के साथ-साथ खेतों में काम करना शुरू किया।भारतीय सेना में शामिल होने का उनका सपना लगातार चुनौतीपूर्ण रहा। उन्होंने भारतीय वायु सेना में आवेदन किया, लेकिन गलती के कारण चयन नहीं हो पाया। एयरमैन पद के लिए आवेदन करने पर 3000 युवाओं में उनका नाम 59वें स्थान पर आया, लेकिन अग्निपथ योजना के कारण ज्वाइनिंग लेटर नहीं मिल सका।हार मानने की बजाय हरदीप ने IGNOU से ग्रेजुएशन किया और कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज (CDS) परीक्षा दी। सर्विस सेलेक्शन बोर्ड (SSB) में उन्हें लगातार 8 बार असफलता मिली, लेकिन 9वीं बार में उन्होंने सफलता हासिल की।उन्होंने भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) में ऑल इंडिया मेरिट लिस्ट में 54वां स्थान प्राप्त किया और लेफ्टिनेंट बनकर भारतीय सेना में शामिल हुए। उनके संघर्ष और perseverance की कहानी कई लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।






