Zoho के संस्थापक श्रीधर वेम्बू ने अमेरिका में रह रहे भारतीयों के नाम एक महत्वपूर्ण खुला पत्र लिखते हुए वहां के बदलते सामाजिक और राजनीतिक माहौल पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि भारतीय अपनी मजबूत शिक्षा, कड़ी मेहनत और समृद्ध सांस्कृतिक मूल्यों के साथ अमेरिका पहुंचे और वहां उल्लेखनीय सफलता हासिल की। अमेरिका ने भारतीयों को अवसर प्रदान किए, जिसके लिए कृतज्ञता व्यक्त करना हमारी भारतीय परंपरा का हिस्सा है।
हालांकि, वेम्बू ने यह भी रेखांकित किया कि वर्तमान समय में अमेरिका के एक बड़े वर्ग में यह धारणा बनती जा रही है कि भारतीय वहां की नौकरियों पर कब्जा कर रहे हैं, जिससे सामाजिक और राजनीतिक तनाव बढ़ सकता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भविष्य की राजनीति में ऐसे विकल्प सामने आ सकते हैं, जहां एक ओर भारतीय सभ्यता और मूल्यों को समझने की कमी होगी और दूसरी ओर असंतोष और कट्टर विचारधाराएं हावी हो सकती हैं।
वेम्बू के अनुसार, वैश्विक स्तर पर भारतीयों को मिलने वाला सम्मान सीधे तौर पर भारत की आर्थिक स्थिति, तकनीकी क्षमता और समग्र प्रगति से जुड़ा हुआ है। यदि भारत मजबूत, समृद्ध और तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनता है, तो पूरी दुनिया में भारतीयों की पहचान और सम्मान स्वतः बढ़ेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज के दौर में किसी भी देश की असली ताकत उसकी टेक्नोलॉजी, नवाचार और ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था में निहित होती है।
उन्होंने यह भी बताया कि भारत के पास प्रतिभा और कौशल की कोई कमी नहीं है, लेकिन दुर्भाग्यवश इसका एक बड़ा हिस्सा विदेशों में कार्यरत है। यदि यही प्रतिभा भारत में काम करे, तो देश की आर्थिक वृद्धि तेज होगी, नए उद्योग विकसित होंगे और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। यह न केवल “ब्रेन ड्रेन” की समस्या को कम करेगा, बल्कि “ब्रेन गेन” के माध्यम से भारत को वैश्विक तकनीकी शक्ति बनने की दिशा में आगे बढ़ाएगा।