बेंगलुरु स्थित बायोटेक कंपनी इम्यूनल थेरेप्यूटिक्स ने हाल ही में लगभग 100 करोड़ रुपये की नई फंडिंग हासिल की है। यह निवेश सगुलै रट एएमसी, रेनमैटर और अन्य प्रमुख निवेशकों द्वारा किया गया है। इस फंडिंग को कंपनी के लिए एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है क्योंकि इससे उसके एडवांस मेडिकल रिसर्च और प्रोडक्शन योजनाओं को तेजी मिलेगी। कंपनी मुख्य रूप से कैंसर के इलाज के लिए नई पीढ़ी की तकनीक पर काम कर रही है, जिससे भविष्य में गंभीर बीमारियों के इलाज के तरीके बदल सकते हैं।
कंपनी का फोकस **ART (एडवांस्ड T-सेल थेरेपी)** पर है, जो एक आधुनिक इम्यूनोथेरेपी तकनीक है। इस तकनीक में मरीज की प्रतिरक्षा कोशिकाओं (immune cells) को शरीर से बाहर निकालकर प्रयोगशाला में “ट्रेन” किया जाता है, ताकि वे कैंसर कोशिकाओं को बेहतर तरीके से पहचानकर उन्हें नष्ट कर सकें। इसके बाद इन मजबूत कोशिकाओं को दोबारा मरीज के शरीर में डाला जाता है। यह प्रक्रिया कैंसर के इलाज में काफी प्रभावी मानी जा रही है, लेकिन अभी तक यह तकनीक बहुत महंगी होने के कारण सीमित मरीजों तक ही पहुंच पाई है।
नई फंडिंग के बाद कंपनी की योजना है कि वह अपने रिसर्च और डेवलपमेंट को और तेज करे, उत्पादन क्षमता बढ़ाए और इस इलाज को अधिक लोगों तक सुलभ बनाए। साथ ही लागत कम करने और क्लीनिकल ट्रायल्स को विस्तार देने पर भी जोर दिया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह तकनीक बड़े पैमाने पर सफल होती है, तो यह कैंसर जैसे गंभीर रोगों के इलाज में एक क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है और भारत को बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर मजबूत स्थिति दिला सकती है।