मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गैस लेकर एक LNG जहाज सफलतापूर्वक गुजर गया। यह वही समुद्री रास्ता है, जहां ईरान और अमेरिका के बीच टकराव के कारण जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई थी। “मुबराज” नाम का यह टैंकर अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी के दास द्वीप से LNG लेकर निकला था, लेकिन 31 मार्च को इसने अपना ट्रांसपोंडर (लोकेशन सिग्नल) बंद कर दिया था, जिससे इसकी मूवमेंट छिप गई। अब यह जहाज दोबारा ट्रैक हुआ है और भारत के दक्षिणी छोर के पास से गुजरते हुए देखा गया है।
शिप ट्रैकिंग डेटा के अनुसार यह जहाज फिलहाल एशिया की ओर बढ़ रहा है और इसका गंतव्य चीन बताया गया है, जहां इसके 15 मई तक पहुंचने का अनुमान है। खास बात यह है कि पिछले कुछ हफ्तों में होर्मुज से गुजरने वाले कई जहाज या तो रोक दिए गए या वापस लौट गए थे, लेकिन यह LNG से भरा जहाज सुरक्षित निकल गया। माना जा रहा है कि कुछ देशों, खासकर चीन से जुड़े जहाजों को कूटनीतिक या “सेफ कॉरिडोर” के तहत निकलने की अनुमति दी जा रही है, जबकि पश्चिमी देशों से जुड़े जहाजों पर सख्ती जारी है।
इस पूरे घटनाक्रम से यह भी साफ होता है कि होर्मुज पूरी तरह बंद नहीं है, बल्कि बेहद नियंत्रित तरीके से जहाजों की आवाजाही हो रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ मामलों में जहाजों से सुरक्षित रास्ते के बदले भारी शुल्क भी वसूला जा रहा है, जिससे स्थिति और जटिल हो गई है। कुल मिलाकर, “मुबराज” का इस तरह निकलना न केवल रणनीतिक रूप से अहम है, बल्कि यह संकेत भी देता है कि वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पर जारी तनाव के बीच भी कुछ देशों के लिए रास्ते खुले रखे जा रहे हैं।