उत्तर आसाम के बोंगाईगांव जिले में ‘गो सेवा दिवस’ बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित किया गया, जिसमें स्थानीय लोगों, सामाजिक संगठनों और गौ-सेवकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस अवसर पर गायों की पूजा-अर्चना की गई, उन्हें हरा चारा, गुड़ और अन्य पौष्टिक आहार खिलाया गया तथा गौशालाओं में विशेष साफ-सफाई अभियान भी चलाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में गायों के प्रति सम्मान और संरक्षण की भावना को मजबूत करना था, साथ ही लोगों को पशुपालन और गौ-सेवा के महत्व के बारे में जागरूक किया गया।
इस आयोजन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गाय को विशेष स्थान दिया गया है और उसे ‘गौ माता’ के रूप में सम्मानित किया जाता है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी गाय का महत्वपूर्ण योगदान होता है, क्योंकि दूध, गोबर और गोमूत्र जैसे संसाधन किसानों के लिए आय और जैविक खेती का आधार बनते हैं। कार्यक्रम में बच्चों और युवाओं को भी जोड़ा गया, ताकि आने वाली पीढ़ी में पशु-प्रेम और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ सके।
स्थानीय प्रशासन और स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से आयोजित इस ‘गो सेवा दिवस’ में गौशालाओं के विकास, पशुओं के स्वास्थ्य और उनके संरक्षण के लिए कई योजनाओं पर भी चर्चा की गई। आयोजकों ने लोगों से अपील की कि वे आवारा पशुओं की देखभाल में सहयोग करें और समाज में दया व सेवा की भावना को आगे बढ़ाएं, जिससे मानव और पशु के बीच संतुलन और सह-अस्तित्व की भावना मजबूत हो सके।