Swadeshi Jagran Manch के तत्वावधान में देवास जिले में एक दिवसीय जिला विचार एवं प्रशिक्षण वर्ग का सफल आयोजन पायनियर विद्यालय, देवास में संपन्न हुआ। प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक चले इस वर्ग में जिले भर से आए कार्यकर्ताओं, उद्यमियों एवं स्वदेशी समर्थकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य स्वदेशी विचारधारा, आत्मनिर्भर भारत, संगठनात्मक मजबूती एवं सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देना रहा। पूरे आयोजन के दौरान राष्ट्रभाव, स्वदेशी चेतना और सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण बना रहा। वर्ग में कुल चार सत्र आयोजित किए गए, जिनमें 10 महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में कुल 80 सहभागियों की उपस्थिति रही।
वर्ग में विभिन्न वक्ताओं ने स्वदेशी आंदोलन की वर्तमान आवश्यकता, आर्थिक आत्मनिर्भरता, स्थानीय उद्योगों के संरक्षण, उद्यमिता विकास, महिला सहभागिता, लघु उद्योगों के विस्तार एवं सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित स्वदेशी जागरण मंच के प्रांत संयोजक आदरणीय डॉ. विशाल जी प्रारोहित ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्वदेशी केवल आर्थिक नीति नहीं, बल्कि राष्ट्र के स्वाभिमान, सांस्कृतिक चेतना और आत्मनिर्भरता का मूल आधार है। प्रांत सह संयोजक श्री दिलीप जी चौहान एवं प्रांत संपर्क प्रमुख डॉ. सुरेश जी चौपड़ा ने संगठनात्मक विस्तार एवं समाज के प्रत्येक वर्ग तक स्वदेशी विचार पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं प्रांत सह महिला कार्य एवं स्वदेशी शोध संस्थान मालवा प्रांत की प्रमुख डॉ. इंद्रा जी दीक्षित ने महिला शक्ति की भूमिका एवं स्वदेशी आधारित सामाजिक परिवर्तन पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम में Laghu Udyog Bharati के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री समीर जी मूंदड़ा ने लघु उद्योगों, स्वरोजगार एवं उद्यमिता विकास की संभावनाओं पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि छोटे उद्योग एवं स्थानीय उत्पादन भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और युवाओं को रोजगार के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। वर्ग के अंत में उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं एवं अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया तथा स्वदेशी विचार को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया। देवास जिले का यह जिला विचार एवं प्रशिक्षण वर्ग संगठनात्मक दृष्टि से अत्यंत सफल, प्रेरणादायी एवं ज्ञानवर्धक आयोजन सिद्ध हुआ।