स्वावलंबी भा.अ. सीतापुर में कृषि उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने पर हुआ गहन मंथन

सीतापुर में कृषि विज्ञान केंद्र-II, कटिया (सीतापुर) और सोशल अल्फा के संयुक्त तत्वावधान में कृषि उद्यमिता विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया।इस राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला में देश भर से नवाचार आधारित स्टार्टअप्स को आमंत्रित किया गया, ताकि जनपद के कृषक उत्पादन संगठनों (FPOs), महिला स्वयं सहायता समूहों और प्रगतिशील किसानों को नई तकनीकों और व्यावसायिक अवसरों की जानकारी मिल सके।कार्यशाला में आमंत्रित सभी स्टार्टअप्स ने अपने-अपने क्षेत्रों में किए जा रहे नवाचारों का प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने अपने उत्पादों और सेवाओं का प्रदर्शन भी किया। इनमें कृषि यंत्र, सोलर ड्रायर, माइक्रो कोल्ड स्टोरेज, बायो-इनपुट, ड्रोन तकनीक, प्रोटेक्टेड खेती और जल संरक्षण उत्पाद जैसे प्रमुख नवाचार शामिल थे।
प्रस्तुतियों की गुणवत्ता और नवाचार क्षमता इतनी प्रभावशाली थी कि अधिकांश प्रतिभागियों ने एक-दूसरे के साथ संपर्क स्थापित किया। उन्होंने भविष्य में मिलकर कार्य करने की इच्छा भी व्यक्त की, जिससे तकनीकी सहयोग और व्यावसायिक साझेदारी को बढ़ावा मिल सके।कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कृषि विज्ञान केंद्र, कटिया सीतापुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. दया श्रीवास्तव ने सभी प्रतिभागियों और स्टार्टअप्स का स्वागत किया। सोशल अल्फा के कार्यक्रम प्रबंधक प्रशांत कन्नौजिया ने सभी का परिचय कराया और प्रत्येक स्टार्टअप को अपनी प्रस्तुति देने का विस्तृत अवसर प्रदान किया।उन्होंने बताया कि सोशल अल्फा देशभर के नवाचार आधारित स्टार्टअप्स को एक मंच प्रदान कर रहा है, ताकि वे अपनी तकनीकों को जमीनी स्तर पर लागू कर सकें और सीधे किसानों तक पहुंच बना सकें।केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. आनंद सिंह, डॉ. शिशिर कांत सिंह, डॉ. शुभम सिंह राठौर और डॉ. योगेंद्र प्रताप सिंह ने प्रतिभागियों और स्टार्टअप्स के साथ व्यक्तिगत रूप से संवाद किया।उन्होंने विभिन्न समूहों की रुचि और आवश्यकताओं के अनुसार उन्हें उपयुक्त स्टार्टअप्स से जोड़ने का प्रयास किया।इस कार्यशाला में बिसवां अन्नदाता, ओजोन, पथिक, अधिरथ, यू-मी जैसे कृषक उत्पादन संगठनों सहित कुल 132 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस तरह की पहल से न केवल किसानों को नई तकनीकों का लाभ मिलेगा, बल्कि ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।




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