भारत ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। रक्षा मंत्रालय (MoD) ने 11 स्वदेशी रिजिड हुल एम्बियस (Rigid Hull Amphibious) कॉम्बैट बोट्स की खरीद के लिए **रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) जारी किया है। इन अत्याधुनिक नौकाओं का उपयोग मुख्य रूप से भारतीय सेना द्वारा **सियाचिन और क्रीक (Creek) क्षेत्रों** जैसे संवेदनशील इलाकों में तैनाती के लिए किया जाएगा, जबकि कुछ नौकाएं भारतीय नौ सेना के मुंबई और पोर्ट ब्लेय स्थित अभियानों में शामिल होंगी। इन कॉम्बैट बोट्स को इस प्रकार डिजाइन किया जा रहा है कि वे जल और थल दोनों क्षेत्रों में तेज़ गति से सैन्य अभियान चलाने, सैनिकों और उपकरणों के सुरक्षित परिवहन तथा चुनौतीपूर्ण समुद्री एवं तटीय परिस्थितियों में प्रभावी संचालन करने में सक्षम हों। रक्षा मंत्रालय के अनुसार इन नौकाओं की आपूर्ति लगभग 24 महीनोंके भीतर पूरी होने की उम्मीद है। यह परियोजना भारतीय रक्षा विनिर्माण उद्योग को बढ़ावा देने, निजी और स्वदेशी कंपनियों की भागीदारी बढ़ाने तथा आधुनिक सैन्य प्लेटफॉर्म के घरेलू विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन स्वदेशी कॉम्बैट बोट्स के शामिल होने से भारतीय सेना और नौसेना की परिचालन क्षमता, तटीय सुरक्षा, सीमाई निगरानी और त्वरित सैन्य प्रतिक्रिया की शक्ति में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। साथ ही यह कदम आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया'अभियान को मजबूती देते हुए रक्षा उपकरणों के स्वदेशी उत्पादन और विदेशी आयात पर निर्भरता कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।