भारत की स्वदेशी अस्त्र’ (ASTRA) बियॉन्ड विजुअल रेंज (BVR) हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहचान मिल रही है। रिपोर्टों के अनुसार आर्मेनिया, सऊदी अरब सहित कम-से-कम छह देशों ने इस उन्नत मिसाइल प्रणाली के संभावित अधिग्रहण में रुचि दिखाई है। हाल के सफल परीक्षणों और अभियानों में ‘अस्त्र’ मिसाइल ने अपनी उच्च सटीकता, विश्वसनीयता और प्रभावी मारक क्षमता का प्रदर्शन किया है, जिसके बाद वैश्विक स्तर पर इसकी मांग और विश्वास दोनों बढ़े हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की हालिया इंडोनेशिया यात्रा के दौरान भारत और इंडोनेशिया के बीच रक्षा सहयोग को लेकर बनी सहमति ने भी स्वदेशी रक्षा प्रणालियों के निर्यात की संभावनाओं को नई गति दी है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित ‘अस्त्र’ मिसाइल भारतीय वायुसेना की आधुनिक युद्ध क्षमता को मजबूत करती है। यह लंबी दूरी से दुश्मन के लड़ाकू विमानों को सटीक निशाना बनाने में सक्षम है तथा अत्याधुनिक रडार, मार्गदर्शन और लक्ष्य-भेदी तकनीक से लैस है। भारत की बढ़ती रक्षा निर्माण क्षमता, आत्मनिर्भर रक्षा उद्योग और स्वदेशी तकनीकों की सफलता के कारण भारतीय रक्षा उत्पादों की वैश्विक मांग लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ‘अस्त्र’ जैसी स्वदेशी मिसाइलों का निर्यात न केवल भारत की सामरिक शक्ति को मजबूत करेगा, बल्कि रक्षा क्षेत्र में विदेशी मुद्रा अर्जित करने, घरेलू रक्षा उद्योग को प्रोत्साहन देने और भारत को वैश्विक रक्षा निर्यातक देशों की अग्रणी श्रेणी में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।