केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत में स्वदेशी रूप से विकसित पहली ‘फ्लाइट-प्रूवन’ सैटेलाइट बैटरी को देश की अंतरिक्ष तकनीक और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह स्वदेशी तकनीक भविष्य में अंतरिक्ष क्षेत्र में आयात पर भारत की निर्भरता कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। फ्लाइट-प्रूवन’का अर्थ है कि संबंधित तकनीक का वास्तविक अंतरिक्ष मिशन में सफलतापूर्वक उपयोग और परीक्षण हो चुका है, जिससे उसकी विश्वसनीयता सिद्ध हो जाती है। उपग्रहों के लिए मजबूत और भरोसेमंद ऊर्जा भंडारण प्रणाली अत्यंत आवश्यक होती है, क्योंकि अंतरिक्ष में उन्हें लगातार विद्युत आपूर्ति की जरूरत होती है। इस स्वदेशी सैटेलाइट बैटरी का विकास भारत के तेजी से बढ़ते स्पेस टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम, घरेलू नवाचार और तकनीकी क्षमता का प्रतीक है। इससे अंतरिक्ष मिशनों की लागत कम करने, आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने और भविष्य के स्वदेशी उपग्रह एवं अंतरिक्ष अभियानों को अधिक सुरक्षित, किफायती और आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।